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थाना बिधनू पुलिस है के मानती नही

मो0 आसिम सिद्दीकी

कानपुर-पूत कपूत तो क्यू धन संचे, पूत सपूत तो क्यू धन संचे। कहते है जब पूत कपूत हो तो धन इकट्ठा करके क्या करे कपूत संतान उस धन के लिए अपने माता पिता को ही मारने पर आमादा हो जायेगी। और जब पूत सपूत हो तो धन इकट्ठा करके क्या करे सपूत संतान तो उसके बुढापे का ही सहारा बनेगी। ऐसा ही एक मामला सामने निकल कर आया है जिसमे कपूत संतान धन और जायदाद के लिए दो संतानो ने आपने बूढे मां बाप को घर से बेघर कर दिया और उन्हे जान से मारने पर आमादा है। और सपूत संतान रिक्सा चलाकर अपने बूढे माॅ बाप का पालन पोशण कर रही है।
मामला कानपुर के बिधनू थाना आन्र्तगत स्वर्णनगर का है। 75 वर्श के उमाषंकर के तीन बेटे है राधेष्याम, ष्याम मोहन और राम मोहन जिसमे तीनो बेटो मे राम मोहन सबसे छोटा बेटा है। तीनो को ही उमांषकर ने स्वर्णनगर मे एक एक प्लाट दे रखा है और अपने लिए केडीए की एक कालोनी किस्तो पर ले रखी है। और तीनो बोटो को करोबार भी करा रखा है। राम मोहन की घी तेल की दो दुकाने बंगाली मोहाल और काहूकोठी मे है। उमाषंकर की पत्नि सुमन देवी जिन्हे टीवी की बीमारी है और आंखो से दिखाई भी नही देता उन्नाव मे रहती है। बीती 14 जून 2019 को माॅ का इलाज कराने के बहाने उमाषकर के दोनो बेटे राधेष्याम और ष्याम मोहन उसे अपने घर कानपुर ले आये और यहा लाकर उसे धमकाने लगे कि पिता जी से कह दो के उनके नाम जो केडीए की कालोनी है उसे मेरे नाम कर दे वरना हम उसे जान से मार डालेगे इसके साथ ही माॅ को घर से निकाल दिया। माॅ सुमन देवी को आसरा उनके बेटे राम मोहन ने अपने घर रख कर दिया। बीती 17 जून 2019 को दोनो भाई राधेष्याम और ष्याम मोहन ने राम मोहन की घी तेल की दुकान जो काहू कोठी और बंगाली मोहल मे है उस पर धावा बोल दिया दुकान मे रखे पैसे राम मोहन से छीन लिए उसे मारा पीटा जान से मारने की धमकी दी और उसे दुकान से भगा कर दुकान पर कब्जा कर लिया। इसकी सूचना राम मोहन ने अपने पिता उमाषंकर जो उन्नाव मे रह रहे थे उनको दी सूचना पाकर उमा षंकर कानपुर आ गये और इस बारे मे अपने दोनो बेटो राधे ष्याम और ष्याम मोहन से बात की लेकिन बात बनी नही और दोनो बेटो ने धक्के देकर अपने पिता और अपने छोटे भाई राम मोहन को घर से निकाल दिया। उमाषंकर व उसके छोटे बेटे राम मोहन ने इसका सूचना थाना बिधनू मे दी जिसपर उमांषकर व राम मोहन के अनुसार पुलिस ने कोई भी कार्यवाही नही की। कुछ दिनो के बाद ही राधे ष्याम व ष्याम मोहन ने अपने 15-20 साथियो के साथ लाठी डन्डे व धार दार हथियार के लेकर राम मोहन के घर पर रात मे हमला बोल दिया घर मे राम मोहन पिता उमांषकर मा सुमन देवी पत्नि प्रियंका दो बच्चे अनुराग 4 साल व अमित 2 साल को मारा पीटा डराया धमकाया और घर मे तोड़ फोड की जिसकी सूचना उमांषकर ने तुरन्त 100 नम्बर पर दी पुलिस आई लेकिन पुलिस का वही पुराना रोना मामले की लीपा पोती कर मामला ही दबा दिया।
उमाषंकर के अनुसार थाना बिधनू पुलिस ने पैसा खाकर उल्टा हमारे खिलाफ ही कार्यवाही करने की धमकी दी। पीढित उमाषंकर व उसके छोटे बेटे राम मोहन ने इस पूरे मामले की जानकारी आला अधिकारियो को दी जन सूचना पर भी अपने मामले को बया किया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
आज हालात ये है कि राम मोहन अपने बूढे माॅ बाप का पालन पोशण रिक्षा चलाकर कर रहा है। दोनो पिता पुत्र इन्साफ की उम्मीद लिए षाशन प्रसाषन की हर दहलीज पर दस्तक दे रहे है लेकिन आज के इस कलयुगी दौर है हर दरवाजे हर चैखट से निराषा ही उनके हाथ लग रही है दोनो पिता पुत्र रो-रो कर बस यही कहते है कि हम षासन प्रसाषन से बस इतना चाहते है जो हमारा हक है हमे दे दिया जाये और बची हुई जिन्दगी हम चैन से गुजार सके। उधर हमारी पुलिस है कि उन्हे लाचार पिता पुत्र का दर्द ही दिखाई नही देता।