तब्लीकी जमातियो का कहर कानपुर के 6 इलाके रेड जोन घोसित

चांद खान के साथ नफीस अहमद की रिर्पोट

कानपुर- दीनी प्रचार प्रसार के लिए कानपुर में आई तब्लीगी जमातों का कहर ऐसा टूटा कि षहर के इलाके रेड जोन में आने लगे। एक ही दिन में छह लोगों के संक्रमित पाए जाने से मची खलबली के बीच प्रशासन ने जमात का संक्रमण रोकने के लिए नगर के चार और ग्रामीण क्षेत्र के दो इलाकों में रेड जोन का बैरियर लगा दिया है। इन जगहों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
इस सभी इलाकों में बेरीकेडिंग लगाकर सील करने के साथ ही ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है। इस दौरान 9 लोग झुंड में बैठे मिले। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

इन इलाको को रेड जोन घोसित किये जाने के बाद हमारे संवाददाता चांद खान अपने सहयोगी नफीस अहमद के साथ इन इलाको का जायजा लेने निकले।

कानपुर की चमनगंज में हलीम प्राझमरी वाली मस्जिद। कर्नलगंज में हुमायूं मस्जिद। नौबस्ता में खैर मस्जिद। बाबूपुरवा में सुफ्फा मस्जिद। सजेती में बरीबाल स्थित बड़ी मस्जिद। घाटमपुर की मस्जिद। इनकी एक किमी परिधि क्षेत्र को रेड जोन घोसित किया गया है। इन सभी मस्जिद की एक-एक किमी परिधि में बेरीकेडिंग लगाकर आने-जाने वालों पर पाबंदी लगाई जाएगी।
सभी मस्जिदों और आसपास के इलाके को सैनिटाइज किया जाएगा।
शुक्रवार को चमनगंज की हलीम प्राइमरी मस्जिद सैनिटाइज की गई।
मस्जिदों में आने-जाने वालों का पता लगाकर सभी का चेकअप होगा।
लक्षण मिलने पर कोरोना वायरस की जांच कराई जाएगी।
जमातियों से मिलने बाले ऐसे लोगों को तलाशा जाएगा, जिनका सामाजिक दायरा बड़ा है। इन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा।

नगर निगम की 150 टीमों के जरिये इन क्षेत्रों के 39000 घरों को सैनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है।

चमंगंज को रेड जोन घोसित किये जाने के बाद चमंगंज एस एच ओ ने इलाकाई लोगो से अपील की के वे इस लडाई मे सब लोग साथ मिलकर लडे और जो मेडिकल की टीम आयेगी उसके साथ सहयोग करे अपना मेडिकल कराये।

डीआईजी अनंत देव ने बताया कि अनवरगंज, बेकनगंज, चमनगंज, बाबूपुरवा, कर्रलगंज और घाटमपुर को रेड जोन घोषित किया गया है। क्यों कि इन इलाकों की मस्जिदों में कोरोना संक्रमित जमाती घूमे थे और यहां के लोग मस्जिदों में उनसे मिले थे। इसके चलते इन इलाकों को सील करने के साथ ही ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है।

बेकनगंज में ड्रोन से निगरानी में 9 लोग झुंड में दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को मौके पर भेजकर सभी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम शमशाद, मो, शादिक, मो. वारिश, मो. अजहर, शानी, मशरूर अली, मंसूर अली, मो, नईम अंसारी और खुर्शीद आलम बताया। इन सभी के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन में एफआईआर दर्ज की गई।
एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल, एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार और एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता ने खुद इलाके में जाकर जायजा लिया। डीआईजी ने कहा कि इन क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी अगर कोई बाहर निकला तो 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया जाए।
इस दौरान इन क्षेत्रों से ना तो किसी को बाहर जाने दिया जाएगा, ना ही किसी को इन क्षेत्रों में आने दिया जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो, पुलिस में हो या अन्य कोई भी। तब्लीगी जमात मामले के बाद शासन ने कड़े आदेश जारी किए हैं।

कानपुर में कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने के लिए प्रशासन ने शनिवार को चमनगंज के हलीम प्राइमरी मस्जिद में बने तब्लीगी जमात के मरकज को सील करा दिया है। वहां से भन्नानापुरवा चैराहे तक की सड़क पर बैरीकेडिंग लगा दी गई है। लोगों के इधर से गुजरने पर रोक है।
कर्नलगंज की मस्जिद शेख हुमायूं में 18 से 20 मार्च तक नमाज पढ़ने वाले करीब 100 लोगों की जांच भी उर्सला अस्पताल में कराई गई। इन्हें क्षेत्रीय कांग्रेसी पार्षद मोहम्मद अमीम खां और मुरसलीन खां भोलू अस्पताल लेकर गए। यह सभी कर्नलगंज छिपियाना के रहने वाले हैं, यहां पर 18 से 21 मार्च तक अफगानिस्तान, ईरान समेत नौ विदेशियों वाली जमात भी रुकी थी।

कोरोना वायरस से संक्रमित मिले जमाती जिन-जिन मस्जिदों में गए थे, उनकी ट्रैकिंग होगी और संपर्क में आए लोग चिह्नित किए जा रहे है। हुमांयू मस्जिद में जमातियों से मिले 20 लोगों को चिह्नित किया गया है। जमातियों की ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर शहरी क्षेत्र के चार और ग्रामीण क्षेत्र के दो इलाके रेड जोन घोषित कर बेरीकेटिंग कर दी गई। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पीएसी लगाई गई है।

शुक्रवार को आइ रिपोर्ट में संक्रमित बताए गए छह जमाती दो अलग-अलग जमात के हैं। दो संक्रमित अफगानी उस जमात से हैं जिसके आठ विदेशी सदस्य 14 मार्च और तीन भारतीय 18 मार्च को चमनगंज की हलीम प्राइमरी वाली मस्जिद मे ठहरे थे। दो-तीन दिन रुकने के बाद सभी कर्नलगंज की हुमायूं मस्जिद गए और नौबस्ता की खैर मस्जिद होते हुए बाबूपुरवा की सुफ्फा मस्जिद पहुंचे।

दूसरी जमात घाटमपुर और सजेती की बरीपाल स्थित बड़ी मस्जिद में ठहरी थी। यही दल कानपुर देहात के गजनेर और कैंथा में भी धर्म प्रचार के लिए गया और तीन दिन रुका। कानपुर देहात प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी है। ट्रैवल हिस्ट्री के मुताबिक जमाती जिन छह मस्जिदों में गए थे, उनका एक किमी परिधि का इलाका रेड जोन घोषित कर बेरीकेड कर दिया गया है। सीमाएं सील कर पीएसी तैनात कर दी गई है।